वैज्ञानिक व डाक्टरों ने जिस तरह विकास के नाम पर खाद्य श्रृंखला को दूषित कर दिया है। उससे जीव- जन्तुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। आज यदि बीमारियों को गौर किया जाए तो मधुमेह, हार्टअटैक, ब्रेनअटैक, जैसी बीमारियों का बड़ी तेजी से इफाजा हो रहा है। इन सबके पीछे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न संक्रामक बीमारियों के नियंत्रण के नाम पर चल रहे स्वास्थ्य सेवाओं की आढ़ में मनुष्य को नष्ट करने की साजिश रच दी गई है। जिसे समझना व इससे झुटकारा पाना असंभव सा हो गया है।
No comments:
Post a Comment