जरा गौर फरमाएं
1- अधिकांश लोग यह समझते है कि सरकार रूपी संस्थाएं उनकी समस्याओं का निवारण करने के लिए बनाई गई है। यही उनकी सबसे बड़ी भूल है।
2-लोग यह समझते है कि न्यायालय उन्हें न्याय देने के लिये गठित की गई है। यह उनकी दूसरी भूल है।
3- लोगों को लगता है कि जो हमें सुविधाएं दी जा रही हैं वे उन्हें आराम देने के लिए बनाई गई है। यह उनकी तीसरी भूल है।
4- लोगों को यह लगता है कि विद्यालय और यूनिवर्सिटी उन्हें शिक्षित करने के लिये स्थापित की जाती हैं। यह उनकी चौथी भूल है।
हमने उपरोक्त को स्वीकार कर अपने आपको एक रहस्यमय षणयंत्र में फंसा लिया है। इससे मुक्त होना तो दूर इस ओर सोचने विचारने की क्षमता तक खो चुके हैं। हम उपरोक्त व्यवस्था को स्थापित तो कर लिया परन्तु यह नहीं समझ सके कि इनका असली मकसद क्या है?
दिनांक- 20/10/2020
Saturday, 19 October 2019
षणयंत्र जो सबके सामने है
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