Thursday, 6 July 2023

भारतीय संस्कृति बनाम विदेशी संस्कृति

Red day, pink day, mother day, friend day, etc हमारी भारतीय संस्कृति को नष्ट करने की साज़िश के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति के साथ भारतीयों पर थोपा जा रहा है। आज नवयुवक-नवयुवती विदेशियों की इस साजिश को समझने में असमर्थ हैं। 
हमारी संस्कृति में महिला दिवस नहीं मनाया जाता बल्कि महिलाओं को देवी मानकर पूजा जाता है। 
    हमारी संस्कृति में मित्रता दिवस नहीं मनाया जाता बल्कि कृष्ण और सुदामा की तरह मित्रता निभाई जाती है। 
      हमारी संस्कृति में  टीचर डे नहीं मनाया जाता बल्कि गुरु को भगवान से बढ़कर सम्मान दिया जाता है।
     हमारी संस्कृति में मदर डे या फादर डे नहीं मनाया जाता बल्कि सुबह उठकर सबसे पहले मात पिता अभिनन्दन के साथ दिनचर्या का शुभारंभ किया जाता है। 
     हमारी संस्कृति में  वैलेंटाइन डे नहीं मनाया जाता बल्कि अपनी जीवन साथी के साथ पूरा जीवन गुजार दिया जाता है। 
    हमारी संस्कृति में प्रेम का प्रर्दशन नहीं किया जाता है, प्रेम के सब-कुछ न्योछावर कर दिया जाता है। 
   हमारी संस्कृति में क्या कमी है जो हम विदेशी फिरंगियों की संस्कृति को ढोने में गर्व महसूस करते हैं, और अपनी श्रेष्ठ संस्कृति से बचने की कोशिश करते हैं। हम संस्कृति का आयोजन नहीं करते हम संस्कृति को जीते हैं। हम रिश्तों का प्रदर्शन नहीं करते। हम रिश्तों के लिए जीते मरते हैं। 

गर्व है हमें अपनी पवित्र संस्कृति में। 
    साभार:- स्वामी संबोधि आनंद।
01-8-2021