*भारत मे सरकारी व्यवस्था द्वारा लागू किये जा रहे न्यू वर्ल्ड आर्डर के खतरनाक मंसूबे।*
अपने देश मे कहा जाता है कि अमुक बात पत्थर की लकीर है। कुछ ऐसा ही अमेरिका स्थित जॉर्जिया गाइडस्टोन में निम्न 10 लक्ष 20 फुट ऊंचे ग्रेनाइट पत्थरों पर 8 भाषाओं में लिखे हैं जिसमे से एक भाषा हिंदी भी है। जिसे 1980 में दुनिया मे शैतानी राज स्थापित करने के उद्देश्य से कार्यरत षड़यंत्रकारियों ने सरकारों की मदद से लगाए हैं।
1-Maintain humanity under 500,000,000 in perpetual balance with nature. अर्थात प्रकृति के साथ तालमेल बैठाते हुए विश्व की आबादी को मात्र 50 करोड़ तक सीमित करो।
(जबकि अभी सारे विश्व की आबादी 780 करोड़ व भारत की आबादी 138 करोड़ है। तो सवाल यह कि 780-50=730 करोड़ लोगों अर्थात 93.5% लोगों को मारने की तैयारी क्यों व किसके इशारे पर की गई है??? वर्तमान तीनो कृषि कानूनों द्वारा भोजन सुरक्षा खत्म कर अकाल पैदा करने की रणनीति कही इसीलिए तो तैयार नही की गई है।
नाजी हिटलर भी यही कर रहा था। उसके वंशज संघी भी फासिस्टों की ही जमात के साथ चल रहे हैं। संघियों की काली टोपी व हाफ पैंट व मक्खी मूँझ व ध्वज सलामी का तरीका हिटलर की ही नकल है। भारत मे सारा कृषि व शोध मंत्रालयों का अमला इसी लक्ष की प्राप्ति के लिए स्थापित किया गया है।)
2-Guide reproduction wisely — improving fitness and diversity.
अर्थात मानव प्रजनन को बुद्धिमत्ता के साथ गाइड करो जिससे फिटनेस व विविधता सुधारी जा सके।
(यह बिंदु नाजी हिटलर के eugenics कार्यक्रम व मेडिकल साइंस का हिस्सा है। जिसमे ज्यादातर इंसानो की चेतना को जानवरों के स्तर पर लाकर मारा जा सके। भारत में इस पर अमलीकरण स्वास्थ्य विभाग के द्वारा WHO के इशारे टीकाकरण, अंग्रेजी औषधियों आदि द्वारा लगातार किया जाता रहा है। आपको ज्ञात होना चाहिए कि सारे विश्व मे मानव फर्टीलिटी रेट गोता लगा रही है। आबादी भले ही थोड़ी बहुत बढ़ी है मगर आबादी बढ़ने की दर लगातार इसी मंत्रालयों के कुकर्मो की बदौलत घट रही है।)
3-Unite humanity with a living new language. अर्थात वैश्विक मानवीयता को जीवित नई भाषा से एकीकृत किया जाए।
(इस लक्ष की प्राप्ति अंग्रेजी को वैश्विक भाषा के तौर पर स्थापित करके की जा रही है। लगातार भारत मे अंतरराष्ट्रीय दिवसों को मान्यता दी जाती रही है। इस लक्ष की प्राप्ति शिक्षा व्यवस्था द्वारा की जा रही है। यह भाषा आकर प्रकार व रंगों की नई भाषा है।)
4-Rule passion — faith — tradition — and all things with tempered reason.
अर्थात लोगों के जुनून, आस्था, परंपराओं जैसी चीजों को गलत मंसूबो के साथ उपयोग में लाना है।
(इस लक्ष की प्राप्त द्विदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था द्वारा की जा रही है। जिसमे लोगों को पक्ष विपक्ष में बांटकर एक दूसरे के खिलाफ लड़ाकर बाद में दोनों पक्षो को न्यूट्रल करके ढक्कन बनाया जा सके। स्पोर्ट आयोजनों के पीछे भी यही मकसद रहा है।
यही संवैधानिक व्यवस्था का अभीष्ट है ताकि लोगों में प्रेम भाईचारा को शंका व बैमानस्यता में बदला जाए।)
5-Protect people and nations with fair laws and just courts. अर्थात सही कानून व कोर्ट द्वारा लोगों व राष्ट्रों की संरक्षा करो।
(इस लक्ष की प्राप्ति लोगों को शिक्षा व्यवस्था द्वारा सही गलत में बांटकर हाशिल की जा रही है। ताकि बकरी अपनी सुरक्षा का जिम्मा शेर को थमा दे। जबकि हमे पढ़ाये जा रहे जो भी अक्षर हैं वे मात्र प्रतीक हैं। जिसमे मनमाफिक मीनिंग भरी जा सकती है। उदाहरण के लिए आपका अपना नाम ही लें, जो भी कुछ नाम है वह सुविधा मात्र के लिए सही है जबकि आपके नाम जैसा कोई भी व्यक्ति आपके शरीर मे नही है। यह बदमाशी शुरू से ही अंजाम देने के लिए स्कूलो में छात्र संघो की व्यवस्था की गई ताकि बच्चों को पक्ष विपक्ष में बंटे रहने व एक दूसरे को विरोधी मानने की ट्रेनिंग शुरुआत से ही दी जा सके। इस व्यवस्था के माध्यम से ही न्याय व पुलिस व्यवस्था सर्वमान्य बनाई गई। जबकि भारत मे स्थापित यह न्याय व पुलिस व्यवस्था कैथोलिक जेजुइट आर्डर द्वारा संचालित है।)
6-Let all nations rule internally resolving external disputes in a world court. सारे देश आंतरिक तौर पर अपनी अपनी समस्याएं सुलझाएं जबकि बाहरी समस्यायों का निपटारा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा किया जाए।
(अर्थात इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की स्थापना इसी लक्ष की प्राप्ति के लिए की गई न कि लोगों को न्याय देने के लिए। इसी विन्दु के द्वारा अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर किसी भी देश की सीमा में घुसकर हमला कर नष्ट करते रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान लीबिया रवांडा इराक आदि इसी हरामीपन द्वारा तहसनहस किये जा सके। इस लक्ष द्वारा किसी भी देश को अस्थिर बना वहां की आबादी में मनमाफ़िक डेमोग्राफिक, पोलिटिकल व इकोनॉमिक बाध्यताएं स्वीकार कराई जाती रही हैं। उत्तरी कोरिया इनके काबू से बाहर है इसी लिए उसे खतरनाक बता बदनाम किया जाता रहा है। भारत मे आर बी आई की स्थापना इसी सडयंत्र का हिस्सा रही है। जिसे डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर रचित problem in rupees किताब की प्रतियां हाथ मे लिये आये हिल्टन कमीशन द्वारा गवर्मेन्ट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 में झोल करके हाशिल किया गया है। नोटबन्दी, कैशलेस व वर्तमान रुपे, अमेजोन पे, गूगल पे आदि एप्प बाजी इसी का परिणाम है। बैकों का विनष्टीकरण इसी लक्ष की प्राप्ति का हिस्सा है।)
7-Avoid petty laws and useless officials. अर्थात तुच्छ कानूनों व रोड़े बने अधिकारियों की दरकिनार करो।
(ताकि सारी बाधाएं खत्म करते हुए उक्त सब लक्ष तेजी से हाशिल किये जा सके। भारत मे तेजी के साथ खत्म किये जा रहे संवैधानिक कानून इसी बदमाशी का हिस्सा हैं। मनमाफ़िक अधिकारियों को जगह जगह बिठाने की प्रक्रिया का हिस्सा UPSC परीक्षा बिना पास किये ही निजी धन्नासेठों के पिट्ठुओं को IAS बना संयुक्त सचिव जैसे सरकारी पद थमाया जाना इसीलिए शुरू किया गया है। ताकि अपने बैठाए गए टट्टुओं से मनमाफ़िक व त्वरित निर्णय लिए जा सके। इसीलिए ICAR के महानिदेशक पद को भी आईएएस को शौंप दिया गया।)
8-Balance personal rights with social duties. व्यक्तिगत अधिकारों को सामाजिक दायित्वों के साथ बैलेंस करो।
(अर्थात सामाजिक दायित्वों का हवाला देते हुए व्यक्तिगत मौलिक अधिकारों को नष्ट करो। पिछले मार्च 2020 ताली थाली कांड से आवाजाही का अधिकार, पूजापाठ का अधिकार, इकट्ठा होने के अधिकार, शादी विवाह के कार्यक्रमो तक के अधिकार इसी लक्ष के अनुसार छीने जा चुके हैं। रोटी रोजगार सब चौपट इसी लक्ष के अनुसार किया गया है और तो और खुली हवा में सांस लेने का अधिकार जबरन मास्क लगाने के फ़रमान द्वारा इस प्रावधान के अनुसार ही छीन लिया गया है। इसी बिंदु के हिसाब से लोगों को जबरन नौकरी से निकाल देने व वेतन रोकने की धमकी देकर वैक्सीन लगवाने को बाध्य किया जा रहा है। जिसमे बहुतों ने जान गवाई है। जिसे दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, यूरोपीय यूनियन के तमाम देशों ने प्रतिबंधित कर देने के बावजूद भारत मे खुद डॉक्टरों आदि को जबरन वैक्सीन लगवाए जा रहे है। जो हिटलर के कंपल्सरी इन्सुरेंस कार्यक्रम जैसा है जिसे nuremberg code द्वारा उस समय प्रतिबंधित किया गया था। मगर भारत मे यह अंधेरनगरी धड़ल्ले से जारी है। लोग बेजुबान जानवर बने हुए हैं।)
9-Prize truth — beauty — love — seeking harmony with the infinite. सत्य सुंदरता व प्रेम को पुरस्कृत करते रहें जो अनंत के साथ समरसता में सहायक हो।
(अर्थात उक्त लक्ष्यों की प्राप्ति में लगे चमचों को तब तक पुरस्कृत करते रहो जव तक उनकी उपयोगिता रहे। उपयोगिता खत्म होते ही ऐसे चमचो को नष्ट कर दो।)
10- Be not a cancer on the Earth — Leave room for nature — Leave room for nature. अर्थात धरती पर कैंसर न बनो। प्रकृति के लिए जगह खाली करो। प्रकृति के लिए जगह खाली करो।
(मतलब धरती का बोझ न बनो। जल्दी मरो। इसी लक्ष की प्राप्ति के लिए sustainable gevelopment goals (SDGs) बनाये गए हैं। इसी लक्ष की प्राप्ति के लिए आठ आठ लाइन के हाईवे बनाये जा रहे हैं। इसी लक्ष की प्राप्ति के लिए लाइन सफारी बनाई जा रही हैं ताकि नरभक्षी जानवरों को ज़ू से बाहर खुले में छोड़ नरसंहार कराया जा सके। यही SDGs का मूल उद्देश्य है। शहरीकरण में लेयर ह्यूमन फार्मिंग को स्मार्ट सिटी प्रचारित किया जा रहा है।ताकि सारी धरती को इंसानो से फ्री किया जा सके। हिटलर घर परिवार रोटी कपड़े की जुगाड़ में लगे लोगों को numen कहता था और वर्तमान शासक जाति zionist यहूदी भी अपने से अलग लोगों को goyim कहते हैं। जिन्हें हम भारतवासी लोग इंसानी गोरु के नाम से जानते हैं। यह वह सब लोगो का समूह है जो 10 से 5 की नौकरी या काम धंधे कर अपना घर परिवार पालता रहा है। जो अम्बानी अडानी टाटा बिड़ला आदि परिवारों से अलग हैं। शायद इसीलिए कैंसर इंसानो को मारने वाली नम्बर वन बीमारी इसीलिए बनाई गई है। oncology सबसे टॉप ब्रांच आज बन चुकी है।)
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यह 20 बीस फीट ऊंचे लगे ग्रेनाइट पत्थरो पर लिखी वह इबादत है जिसकी स्थापना धरती से इंसानी प्रजाति के संहार के लिए की गई है। इस सडयंत्र में सरकार शामिल है। होश में आओ प्यारे देशवासियों। यही है न्यू वर्ल्ड आर्डर जिसका जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने 29 जनवरी 2021 को खुद किया।
जय भारत भूमि 🇮🇳
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