Friday, 17 February 2017

demonetizatin

भारत सरकार demonetizationकी कार्यवाही, smart India, start-up India, digital India पूर्ववर्ती सरकारों की निजीकरण, वैश्वीकरण, उदारीकरण की नीतियां वास्तव में भारत के विकास के लिए अपनाई गई नीतियां नहीं है। बल्कि transfer of power by economy है। आज जो भी विकास हो रहा है वह वास्तव में उधार का विकास हो रहा है। भारतीय जनता की गाढ़ी कमाई तो विदेशी कर्ज व ब्याज में जा रही है। शेष कमाई विदेशी कम्पनियां लाभ के रूप में अपने देश लिए जा रही है। भारतीय युवा जिस तेजी से पढ़ लिख कर भारतीय सेवा के लिए तैयार हो रहा उसी तेजी से सार्वजनिक क्षेत्र से रोजगार समाप्त किया जा रहा। स्वरोजगार करने के लिए युवाओं के पास धन नहीं है। बैंक लोन देने से इंकार कर रही है। ऐसे में युवक प्राइवेट सेक्टर में चन्द रुपयों के बदले अपनी सेवाएं  देने को मजबूर हैं। पूंजी का केन्द्रीकरण किया जा रहा है उससे पूंजीपति मजबूत हो रहे हैं मजदूर किसान गरीब व नवयुवक बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। यह सब सरकार की विदेशी कम्पनियां के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने के कारण हो रहा है।

Digital India and start-up India, smart India आदि भारतीय अर्थव्यवस्था को किस प्रकार खोखला करेगी तथा किस प्रकार इसका नियंत्रण विदेशी हाथों में होगा इसका अंदाजा लगाना हर व्यक्ति के बस में नहीं हैं। हां आप अंदाजा भले न लगा पाये पर आपकी आने वाली पीढ़ियां इसका खामियाजा जरूर भुगतेगी। आपकी संतान विदेशियों के हाथों कठपुतली बन कर रह जाएगी।  यह बात मैं दावे के साथ कह सकता हूं।

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