हिंदुत्व क्या है?
आज तक किसी न इतनी सटीक परिभाषा किसी ने नहीं दी होगी।
यहूदियों द्वारा भारतीय मूलनिवासियों को दास व बुद्धिहीन बनाये रखने की सर्वोत्तम व्यवस्था है।
यह भावी डिजिटल मुद्रा की तरह है जिसका अस्तित्व तो कहीं नहीं है पर जो इसका उपयोग करेगा वह अपनी कमाई का कुछ न कुछ हिस्सा अवश्य देना पड़ता है। जिसका फायदा निजी क्षेत्र को होता है। जिस प्रकार निजीकरण में मूलनिवासी नौकर चाकर तो बन सकते है पर वे मालिक नहीं बन सकेंगे। ठीक उसी तरह हिंदू धर्म को मानने वाले भक्त तो बन सकते है पर धर्माधिकारी नहीं बन सकते।
जिस प्रकार निजी क्षेत्र के लोग भारतीय संसाधनों का भारतीय नामों के माध्यम से बड़ी चालाकी से अंधाधुंध उपयोग अपने हितों के लिए कर रहे हैं। ठीक उसी तरह यहूदियों ने भारतीय बौद्ध धर्म, दर्शन, संस्कृति को भारतीय नामों के माध्यम से भिन्न भिन्न तरीकों से थोड़ा बहुत परिवर्तन कर अपने हितों में प्रयोग किया।
इसे संविधान की उद्देशिका से भी समझा जा सकता है।
संविधान की उद्देशिका में समाजवादी लोकतंत्र शब्द का प्रयोग किया गया है। पर जवाहरलाल नेहरू ने समाजवाद को छोड़कर पूंजीवाद व औद्योगिकीकरण की नीति अपनाई जिससे भारतीय मूलनिवासी नौकर चाकर बनकर रह गया है।
आज तक किसी न इतनी सटीक परिभाषा किसी ने नहीं दी होगी।
यहूदियों द्वारा भारतीय मूलनिवासियों को दास व बुद्धिहीन बनाये रखने की सर्वोत्तम व्यवस्था है।
यह भावी डिजिटल मुद्रा की तरह है जिसका अस्तित्व तो कहीं नहीं है पर जो इसका उपयोग करेगा वह अपनी कमाई का कुछ न कुछ हिस्सा अवश्य देना पड़ता है। जिसका फायदा निजी क्षेत्र को होता है। जिस प्रकार निजीकरण में मूलनिवासी नौकर चाकर तो बन सकते है पर वे मालिक नहीं बन सकेंगे। ठीक उसी तरह हिंदू धर्म को मानने वाले भक्त तो बन सकते है पर धर्माधिकारी नहीं बन सकते।
जिस प्रकार निजी क्षेत्र के लोग भारतीय संसाधनों का भारतीय नामों के माध्यम से बड़ी चालाकी से अंधाधुंध उपयोग अपने हितों के लिए कर रहे हैं। ठीक उसी तरह यहूदियों ने भारतीय बौद्ध धर्म, दर्शन, संस्कृति को भारतीय नामों के माध्यम से भिन्न भिन्न तरीकों से थोड़ा बहुत परिवर्तन कर अपने हितों में प्रयोग किया।
इसे संविधान की उद्देशिका से भी समझा जा सकता है।
संविधान की उद्देशिका में समाजवादी लोकतंत्र शब्द का प्रयोग किया गया है। पर जवाहरलाल नेहरू ने समाजवाद को छोड़कर पूंजीवाद व औद्योगिकीकरण की नीति अपनाई जिससे भारतीय मूलनिवासी नौकर चाकर बनकर रह गया है।
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