जब ब्राह्मणों ने बौद्ध धर्म को नष्ट कर हिन्दू धर्म को स्थापित कर अपना पाखण्ड, अन्धविस्वास, जातिवाद को बढाकर इस देश के मूलनिवासी पर अत्याचार,:जुल्म इस कदर बढाता कि विश्व इतिहास में कही इस प्रकार का कोई उदाहरण नही मिलता। ब्राह्मणों के इस अत्याचार से बचने के लिए मूलनिवासियों को सशक्त सहारे की जरूरत थी, ऐसी परिस्थितियों मे उन्हें सबसे बेचा सहारा इस्लाम धर्म ने दिया। जो लोग इस्लाम धर्म अपना लिये उनकी रक्षा इस्लाम ने बखूबी किया और आज भी अपने अनुयायियों की रक्षा कर रहे। जबकि हिन्दू धर्म में आज भी ब्राह्मण अपने ही अनुयायियों पर अत्याचार, भेदभाव करते है। जिस तेज गति से मूलनिवासी इस्लाम धर्म को अपनाया उसका परिणाम इस देश में इस्लाम तेजी सर बढा और मजबूत हुआ। कहने का तात्पर्य यह है कि इस देश का मुस्लिम वो मूलनिवासी है जो ब्राह्मणों के अत्याचार से बचने के लिये इस्लाम को अपनाया इस बात के प्रमाण आज भी मौजूद हैं जैसे ब्राह्मण जिस प्रकार शूद्रो से भेदभाव, नफरत, छुआछूत, उसी प्रकार मुस्लिमो से करते है। जब ब्राह्मणों ने खुद को इस्लाम को नष्ट करने मे अक्षम पाया तो वे भी इस्लाम धर्म अपना कर घुसपैठी बन गये तथा इस्लाम मे मौलवी,मुल्ला बनकर इस्लाम मे अनेको विकृतियां पैदा कर दी। जिसका परिणाम इतने घातक साबित हुये कि हिन्दू धर्म के ब्राह्मण. और इस्लाम के मुल्ला मौलवी दोनो ने मिलकर खूब कत्लेआम, कराया, तथा इस देश मे इस्लाम और मूलनिवासियो के मध्य नफरत की मजबूत दीवार खड़ी करने मे सफल रहे।
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