डिजिटल एक अमूर्त व्यवस्था है। जिसे आप केवल जानते व मानते रहे पर
मूर्तरूप आपके सामने नही आ सकती लिये
यह कितना फायदेमंद होगा यह विचारणीय बिन्दु है। हो सकता है लोग मुझे
बेवकूफ या संकीर्ण मानसिकता का समझ रहे हो। पर मेरी अपनी सोच व विचारधारा
में डिजिटल मनी या डिजिटल इण्डिया मानव पर अमूर्त नियंत्रण स्थापित करने का
सशक्त हथियार है, जिस प्रकार आपके हाथ में दुनिया है ठीक उसी प्रकार आप
पर भी दुनिया की निगाह में है। आपकी हर क्रियाकलाप को देखा जा रहा है। आप
दुनिया के पूर्ण नियंत्रण में है। आपको पता ही नही कि आप की हर क्रियाकलाप
पर विश्व व्यवस्था के लोगो का नियंत्रण है। डिजिटल मनी भी कुछ इसी तरह की
अवधारणा है, जो आपकी कमाई तो होगी पर नियंत्रण में नही होगी। जिस प्रकार आप
अपने मोबाइल को कि चार्ज कराने के बाद यह जरूरी नही है कि उससे बात कर ही
लेगे। ठीक उसी प्रकार डिजिटल मनी का हाल होगा। जो आपके खाते में तो दिखेगी
पर आपके हाथ में नही होगी। मोबाइल की तरह डिजिटल मनी है जिस प्रकार मोबाइल
में चाहे कितना भी पैसा क्यों न हो यदि टेलीकाम कम्पनियॉ चाह लेगी तो आप
कुछ भी नही कर सकते। ठीक उसी प्रकार आपके खाते में चाहे जितना धन क्यों न
हो पर आप उसका उपयोग बिना सरकार या बैंक की मर्जी से नही कर पायेगे। आपकी
हालत उस प्यासे के समान होगी जो कुयें के पास तो है पर रस्सी व बाल्टी के
बिना पानी नही पी सकता। आप खुद ही सोचे कि
आपके हाथ में क्या है? बिजली, तेल, गैस, दवा,परिवहन चालन, आदि सब की
controling दूसरे के हाथ में होगी। आपकी स्वतन्त्रता, स्वायत्तता,
संम्प्रभुता, सबको सरकार ने डिजिटल इण्डिया के नाम मात्र से बिन बेड़ी
गुलाम बनाने का प्रबन्ध कर रही है। यह controling यदि भारत सरकार के हाथ
में होती तो भी गलीमत थी यह पूरी की पूरी controling विदेशियों के हाथ
होगी। डिजिटल इण्डिया या डिजिटल मनी आपको सुविधा देने के नाम पर गुलाम
बनाने की व्यवस्था है। जय हो मोदी जी के डिजिटल इण्डिया व
डिजिटल मनी की।
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| मेरी तश्वीर |
। Digital यानि अंकीय व्यवस्था। डिजिटल
इण्डिया निश्चित ही बडा प्रोग्रेसिव कंसेप्ट है। दुनिया आपकी मुठ्ठी में
है। जब चाहे जहॉ चाहे आप बात कर सकते है, पूरी दुनिया में कही भी अपने
मित्र बना सकते है। डिजिटल मनी भी आपके मोबाइल पर होगी, आपका मोबाइल आपका
बटुआ बनने वाला है। इसे कोई नही रोक सकता। लेकिन मानव के लिये
यह कितना फायदेमंद
होगा यह विचारणीय बिन्दु है। हो सकता है लोग मुझे बेवकूफ या संकीर्ण
मानसिकता का समझ रहे हो। पर मेरी अपनी सोच व विचारधारा में डिजिटल मनी या
डिजिटल इण्डिया मानव पर अमूर्त नियंत्रण स्थापित करने का सशक्त हथियार है,
जिस प्रकार आपके हाथ में दुनिया है ठीक उसी प्रकार आप पर भी दुनिया की
निगाह में है। आपकी हर क्रियाकलाप को देखा जा रहा है। आप दुनिया के पूर्ण
नियंत्रण में है। आपको पता ही नही कि आप की हर क्रियाकलाप पर विश्व
व्यवस्था के लोगो का नियंत्रण है। डिजिटल मनी भी कुछ इसी तरह की अवधारणा
है, जो आपकी कमाई तो होगी पर नियंत्रण में नही होगी। जिस प्रकार आप अपने
मोबाइल को कि चार्ज कराने के बाद यह जरूरी नही है कि उससे बात कर ही लेगे।
ठीक उसी प्रकार डिजिटल मनी का हाल होगा। जो आपके खाते में तो दिखेगी पर
आपके हाथ में नही होगी। मोबाइल की तरह डिजिटल मनी है जिस प्रकार मोबाइल में
चाहे कितना भी पैसा क्यों न हो यदि टेलीकाम कम्पनियॉ चाह लेगी तो आप कुछ
भी नही कर सकते। ठीक उसी प्रकार आपके खाते में चाहे जितना धन क्यों न हो पर
आप उसका उपयोग बिना सरकार या बैंक की मर्जी से नही कर पायेगे। आपकी हालत
उस प्यासे के समान होगी जो कुयें के पास तो है पर रस्सी व बाल्टी के बिना
पानी नही पी सकता। आप खुद ही सोचे कि आपके
हाथ में क्या है? बिजली, तेल, गैस, दवा,परिवहन चालन, आदि सब की controling
दूसरे के हाथ में होगी। आपकी स्वतन्त्रता, स्वायत्तता, संम्प्रभुता, सबको
सरकार ने डिजिटल इण्डिया के नाम मात्र से बिन बेड़ी गुलाम बनाने का प्रबन्ध
कर रही है। यह controling यदि भारत सरकार के हाथ में होती तो भी गलीमत थी
यह पूरी की पूरी controling विदेशियों के हाथ होगी। डिजिटल इण्डिया या
डिजिटल मनी आपको सुविधा देने के नाम पर गुलाम बनाने की व्यवस्था है।
जय हो मोदी जी के डिजिटल इण्डिया व डिजिटल मनी की।
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