आइये कुछ फालतू की बात की जाये।
1- पूरे विश्व का विभाजन ईसाई, इस्लाम,यहूदी,पारसी में बंटा है। सभी का जन्म एक क्षेत्र विशेष है।
2- भारत का विभाजन हिंदू( मूलतः यहूदी), इस्लाम, ईसाई, बौद्ध में विभाजित है।
3- हिंदू ब्राम्हण, क्षत्रिय, वैश्य, शुद्ध (शूद्र) मे विभाजित है।
विश्व का विभाजन धार्मिक रूप से।
धर्म विभाजन वर्ण रूप में
वर्ण विभाजन वर्ग रूप में
वर्ग विभाजन जाति रूप में
जाति विभाजन उपजाति रूप में।
जरा सोचो ! जिन्हें हम धर्म मानते है, क्या वे वास्तव में धर्म है।
या
प्रकृति और प्राणी के मध्य स्थित अन्तर्सम्बम्ध को धर्म कहेगे। ???????
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